आगरा ,आगरा नगर निगम द्वारा तैयार कराया गया राम मंदिर का मॉडल एक बार फिर चर्चा में है। करीब छह महीने तक सेना के कब्जे में रहने के बाद यह मॉडल नगर निगम को वापस सौंप दिया गया है। हालांकि, तीन साल बीत जाने के बावजूद इसे स्थायी रूप से स्थापित नहीं किया जा सका और अब यह फिर से निगम के कबाड़खाने में पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम ने तीन वर्ष पूर्व कबाड़ सामग्री से राम मंदिर का एक भव्य मॉडल तैयार कराया था। लगभग छह महीने पहले इसे जी-20 पार्क में सेना की जमीन पर बिना औपचारिक अनुमति के स्थापित कर दिया गया। अनुमति न होने के कारण सेना ने पहले मॉडल को हरे कपड़े से ढक दिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया और शहर में राजनीतिक बहस शुरू हो गई।
बाद में सेना ने कार्रवाई करते हुए मॉडल को कई हिस्सों में काटकर अपने कब्जे में ले लिया। नगर निगम और जनप्रतिनिधियों ने इसे वापस लेने के लिए प्रयास किए। मुख्यमंत्री से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक मुलाकात की गई, लेकिन तत्काल कोई समाधान नहीं निकला।
अब छह महीने बाद सेना ने मॉडल नगर निगम को लौटा दिया है। बताया जा रहा है कि काटे जाने के कारण मॉडल क्षतिग्रस्त अवस्था में है। फिलहाल इसे निगम के कबाड़खाने में रख दिया गया है। शहर में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर तीन साल बाद भी मेयर और नगर आयुक्त इसे किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित क्यों नहीं कर पाए।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासनिक समन्वय की कमी उजागर हुई है।