Sunday, February 15, 2026
Home » ‘बस्तर पंडुम’ बस्तर की नई पहचान का प्रतीक: पीएम मोदी, शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र

‘बस्तर पंडुम’ बस्तर की नई पहचान का प्रतीक: पीएम मोदी, शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र

आज बस्तर शांति, विकास और बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है।

by khabariya
0 comments

रायपुर | 10 फरवरी 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी तक छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 को बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत का भव्य उत्सव बताया है। उन्होंने इस आयोजन से जुड़े सभी प्रतिभागियों और स्थानीय समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक पर्व न केवल हमारी धरोहर को संरक्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों को सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय बस्तर की पहचान माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन से जुड़ी रही, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज बस्तर शांति, विकास और बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में यह क्षेत्र शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव के नए आयाम स्थापित करेगा।

प्रधानमंत्री के संदेश पर आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर आज नई पहचान गढ़ रहा है। ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का सशक्त माध्यम हैं। इससे समाज में विश्वास और सकारात्मकता का वातावरण बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर में बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर बढ़ने से क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित हुई है।

उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

You may also like

Leave a Comment