
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम के बदलते रूख के साथ शीतलहर का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। ठंडी हवाओं और न्यूनतम तापमान में गिरावट के चलते स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। खासकर दिल के मरीज, बुजुर्ग और छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
अम्बेडकर अस्पताल रायपुर ने सभी आपातकालीन विभागों में हाई अलर्ट रखा है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि शीतलहर के दौरान दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंडी हवाओं में अनावश्यक बाहर न निकलें और गर्म कपड़े पहनें।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा कि लोग हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अस्थमा से पीड़ित हैं, वे अपने दवा समय पर लें और किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचे। ठंड के कारण सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण के मामले भी बढ़ सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4–6 डिग्री कम रहने की संभावना है। शीतलहर के कारण सड़क हादसों और अस्वस्थता के मामलों में वृद्धि की संभावना भी बनी हुई है।
राज्य प्रशासन ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में अतिरिक्त वार्ड और स्टाफ की व्यवस्था की गई है ताकि इमरजेंसी में त्वरित सेवा प्रदान की जा सके।
विशेषज्ञ नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे गर्म पानी का सेवन, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद सुनिश्चित करें। बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता है।
शीतलहर के इस दौर में सावधानी और समय पर इलाज ही सुरक्षित रहन-सहन का सबसे प्रभावी उपाय है।