
रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 जनवरी से प्रारंभ होने जा रहा है। यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान राज्य सरकार अपना तीसरा बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री द्वारा फरवरी के पहले सप्ताह में बजट पेश किए जाने की संभावना है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका पेश करेगी। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर बहस होगी। विपक्ष भी सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, किसानों की स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई और विकास कार्यों की रफ्तार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरकार के तीसरे बजट में ग्रामीण विकास, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई घोषणाओं की संभावना भी जताई जा रही है। राज्य के राजस्व संसाधनों को बढ़ाने और निवेश को आकर्षित करने के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजनाओं पर जोर दे सकती है। अधोसंरचना विकास, सड़क और सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों के विस्तार तथा डिजिटल गवर्नेंस को भी प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
विधानसभा का यह बजट सत्र कई मायनों में अहम होगा, क्योंकि सरकार अपने कार्यकाल के मध्य चरण में है और आगामी चुनावी समीकरणों को देखते हुए बजट में लोकलुभावन घोषणाएं भी शामिल हो सकती हैं। अब देखना होगा कि सरकार अपने तीसरे बजट में प्रदेशवासियों को क्या सौगात देती है।