रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को “संकल्प से सिद्धि” का रोडमैप बताते हुए इसे विकसित छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर राज्य की दिशा में निर्णायक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले बजट की थीम “GYAN” और दूसरे की “GATI” थी, जबकि इस वर्ष का बजट “SANKALP” पर आधारित है, जो समावेशी और सर्वांगीण विकास की स्पष्ट दृष्टि प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में समावेशी विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, निवेश प्रोत्साहन, कुशल मानव संसाधन निर्माण, आजीविका संवर्धन और “पॉलिसी से परिणाम” की रणनीति को प्राथमिकता दी गई है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।
राज्य में पांच प्रमुख मिशन—सीएम इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, सीएम एआई मिशन, सीएम पर्यटन विकास मिशन, सीएम स्टार्टअप मिशन और सीएम स्पोर्ट्स एक्सीलेंस मिशन—मिशन मोड में लागू किए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में कुल बजट का 13.5% स्कूल शिक्षा को आवंटित किया गया है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी।
कृषि क्षेत्र के लिए 13,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। धान खरीदी में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की अंतर राशि एकमुश्त देने की व्यवस्था जारी रहेगी। बस्तर और सरगुजा के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये खाद्य प्रसंस्करण व कृषि आधारित उद्योगों हेतु रखे गए हैं। इंद्रावती नदी पर देवर्गांव और मटनार बैराज निर्माण के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
औद्योगिक विकास के लिए 250 करोड़ रुपये से 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित होंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुंकुरी, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और अंतिम व्यक्ति तक विकास सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।