Sunday, March 22, 2026
Home » दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री साय, परीयना आवासीय विद्यालय को बस देने की घोषणा

दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री साय, परीयना आवासीय विद्यालय को बस देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

by News Desk
0 comments

रायपुर | 31 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर जिले के गरांजी स्थित परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का औचक दौरा कर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री के विद्यालय पहुंचते ही बच्चों ने स्वागत गीत, हनुमान चालीसा और बस्तर अंचल के पारंपरिक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भावनात्मक बना दिया।

बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय के लिए एक बस उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आवागमन की बेहतर सुविधा दिव्यांग बच्चों के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया और कहा कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद होता है।

बच्चों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के अनुभव साझा किए और बताया कि उन्हें पिट्ठू और फुटबॉल जैसे खेल खेलना पसंद था। इस संवाद ने बच्चों को उत्साहित और प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विद्यार्थियों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्यमंत्री सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह एवं आईजी श्री सुंदरराज पी. सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का शुभारंभ 11 सितंबर 2023 को जिला खनिज न्यास निधि से किया गया था। विद्यालय में वर्तमान में 60 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और यहां आडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षा, संगीत, खेलकूद, योग और कंप्यूटर शिक्षा जैसी समग्र सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह विद्यालय दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

You may also like