रायपुर, राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशेष रूप से भाग लिया।
राज्यपाल श्री डेका ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर विभिन्न राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को याद करने का महत्वपूर्ण मौका है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान देश के विभिन्न हिस्सों के बीच सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। इससे भारत की एकता और अखंडता को नई मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव, बिहार, राजस्थान तथा ओडिशा के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी गईं। राज्यपाल ने इन राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मिजोरम और अरुणाचल की प्राकृतिक सुंदरता, दमन-दीव की पर्यटन क्षमता, बिहार की ऐतिहासिक विरासत, राजस्थान की शौर्य परंपरा और ओडिशा की सांस्कृतिक समृद्धि भारत की विविधता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान 140 करोड़ देशवासियों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाषा, वेशभूषा और खान-पान में विविधता के बावजूद भारत की सबसे बड़ी पहचान उसकी एकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच ‘रोटी-बेटी’ के संबंध तथा राजस्थान के व्यापारियों के योगदान का भी उल्लेख किया।
समारोह में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं का परिचय दिया, वहीं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राज्यपाल ने प्रतिनिधियों को राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्ति पर सम्मानित किया गया तथा उप सचिव सुश्री निधि साहू के देहदान के निर्णय की सराहना करते हुए उन्हें भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही, जिसने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता के इस उत्सव को और अधिक सार्थक बना दिया।