
समाचार ब्यूरो।
अमेरिका में ब्राउन यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के पास हुई गोलीबारी की घटनाओं के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इन घटनाओं के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए ग्रीन कार्ड लॉटरी प्रोग्राम (डाइवर्सिटी वीज़ा प्रोग्राम) को सस्पेंड करने का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले से करीब 50 हजार लोगों पर सीधा असर पड़ेगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा सर्वोपरि है और आव्रजन नीतियों में किसी भी तरह की ढील देश के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने गोलीबारी की घटनाओं को गंभीर बताते हुए कहा कि इनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हुई हैं। इसी के मद्देनज़र ग्रीन कार्ड लॉटरी प्रोग्राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
ग्रीन कार्ड लॉटरी प्रोग्राम के तहत हर साल विभिन्न देशों के नागरिकों को अमेरिका में स्थायी निवास का अवसर मिलता है। इस कार्यक्रम के जरिए बड़ी संख्या में एशिया और अफ्रीका के देशों से लोग अमेरिका पहुंचते रहे हैं। कार्यक्रम के सस्पेंड होने से हजारों आवेदकों की उम्मीदों को झटका लगा है, जो लंबे समय से इस लॉटरी के जरिए अमेरिका में बसने का सपना देख रहे थे।
आलोचकों का कहना है कि गोलीबारी जैसी घटनाओं को आव्रजन नीति से जोड़ना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि ऐसे फैसलों से प्रतिभाशाली छात्रों और कुशल पेशेवरों को नुकसान होगा। वहीं, ट्रंप समर्थकों का मानना है कि यह कदम अमेरिका की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में जरूरी है।
फिलहाल, इस फैसले को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्टता आने की संभावना है।