नई दिल्ली,08 दिसंबर 2025:
पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम: नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस से निलंबित
पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) अध्यक्ष ने पूर्व कांग्रेस विधायक नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उनके उस विवादित बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि “पंजाब कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद और टिकट वितरण के बदले करोड़ों रुपये की डील होती है।”
नवजोत कौर सिद्धू ने 6 दिसंबर को यह दावा सार्वजनिक रूप से किया था, जिसके बाद पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। उनके बयान ने कांग्रेस नेतृत्व को असहज कर दिया और विपक्ष ने इस पर तुरंत हमला बोला।
विपक्ष ने साधा कांग्रेस पर निशाना
उनके बयान के तुरंत बाद विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गईं।
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़, जो पहले लंबे समय तक कांग्रेस में रहे थे, ने कहा कि वह नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों से “ज्यादा हैरान नहीं” हैं। जाखड़ ने यह भी दावा किया कि उन्होंने भी कांग्रेस में रहते हुए ऐसी “रकम के लेन-देन” की चर्चाएँ सुनी थीं।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह बयान पार्टी की “आंतरिक गुटबाज़ी और भ्रष्टाचार” को उजागर करता है।
कांग्रेस ने ली सख्त कार्रवाई
विवाद बढ़ने के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने नवजोत कौर सिद्धू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पार्टी ने उनके बयान को “गंभीर अनुशासनहीनता” और संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला बताया।
कांग्रेस नेताओं ने उनके आरोपों को “बेबुनियाद, भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताते हुए कहा कि ऐसे वक्तव्य चुनावी माहौल में पार्टी को नुकसान पहुँचाने की कोशिश हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
राजनीति में हलचल जारी
नवजोत कौर सिद्धू के बयान और निलंबन ने पंजाब कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण कांग्रेस की छवि पर असर डाल सकता है, खासकर तब जब विपक्ष इसे जमकर भुना रहा है।
उधर, नवजोत कौर सिद्धू अपने बयान पर कायम हैं और माना जा रहा है कि वे जल्द ही इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया दे सकती हैं।