नई दिल्ली |
पाकिस्तान की हालिया हार के बाद सोशल मीडिया पर बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय सेना के एक पूर्व अधिकारी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—“बायकॉट नहीं, सरेंडर में मजा आता है…।” उनका यह बयान देखते ही देखते वायरल हो गया और इस पर हजारों यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी।
दरअसल, पाकिस्तान की हार के बाद शहबाज शरीफ ने अपनी टीम का हौसला बढ़ाने और समर्थकों का आभार व्यक्त करने वाला एक पोस्ट साझा किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व भारतीय सैन्य अधिकारी ने 1971 के ऐतिहासिक संदर्भ की ओर इशारा करते हुए कटाक्ष किया। उनका संकेत उस समय की ओर था जब पाकिस्तान को भारत के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा था।
पूर्व अधिकारी के इस बयान को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने समर्थन दिया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणी बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह मुद्दा ट्रेंड करने लगा और खेल के साथ-साथ कूटनीतिक और ऐतिहासिक संदर्भों पर भी चर्चा शुरू हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े किसी भी घटनाक्रम पर भावनाएं जल्दी उभर आती हैं, खासकर जब मामला खेल या सैन्य इतिहास से जुड़ा हो। दोनों देशों के बीच संबंधों का लंबा इतिहास रहा है, जिसका असर सार्वजनिक विमर्श में भी दिखाई देता है।
हालांकि, आधिकारिक स्तर पर इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान की हार के बाद सोशल मीडिया पर बयान और प्रतिक्रियाओं का दौर अभी थमने वाला नहीं है।
