रायगढ़, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम खेती के मामलों में लगातार वृद्धि चिंता का विषय बनती जा रही है। ताजा मामले में लैलूंगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया है। खास बात यह है कि पिछले 17 दिनों में यह पांचवां मामला सामने आया है, जिससे कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, लैलूंगा क्षेत्र में लगभग 50 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान पुलिस ने दो आरोपियों—जगतराम नाग और मनोज नाग—को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य आरोपी साधराम नाग मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अफीम की खेती के लिए बीज पत्थलगांव क्षेत्र से मंगाए गए थे। इससे एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, इस मुद्दे को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि “सुशासन के अफीम स्टार्टअप की नई ब्रांच अब लैलूंगा में पाई गई है।”
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो रहा है कि जिले में अवैध अफीम खेती का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने इस पर अंकुश लगाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।