Sunday, March 22, 2026
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रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ: अमृतकाल में सांस्कृतिक चेतना का उत्सव

तीन दिवसीय इस साहित्यिक महाकुंभ में देशभर से आए 120 से अधिक साहित्यकार 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

by News Desk
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रायपुर

नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आज भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस साहित्यिक महाकुंभ में देशभर से आए 120 से अधिक साहित्यकार 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि साहित्य ने राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मजबूत करने में सदैव निर्णायक भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर साहित्य उत्सव का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना को जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि एक लेखक और एक पुस्तक भी समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।

उद्घाटन अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, साहित्यकारों पर केंद्रित कॉफी टेबल बुक सहित चार पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा और अभिनेता मनोज जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कविता और साहित्य अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध की चेतना जगाते हैं और यही साहित्य की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने विश्वास जताया कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 विचारों के संवाद और सांस्कृतिक समृद्धि की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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