रायपुर, माओवाद की विचारधारा त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर जनतांत्रिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। 66 पुरुष और 54 महिला प्रतिभागियों के इस दल ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझा। यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए प्रेरणादायी अनुभव साबित हुआ।
विधानसभा परिसर में युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आत्मीय मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने ‘जय जोहार’ के साथ उनका स्वागत करते हुए कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी युवाओं का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार पुनर्वासितों की सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवनयापन करें और आत्मनिर्भर बनें। पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि शिक्षा, स्वरोजगार और कौशल विकास के माध्यम से उन्हें स्थायी अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतंत्र के मंदिर में खड़ा होना इस बात का प्रमाण है कि सकारात्मक बदलाव संभव है।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘गन’तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र में लौटे युवाओं का राज्य सरकार स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का आधार है। सरकार पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन और रोजगार के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने भी युवाओं से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि शासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
पुनर्वासित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए संकल्प व्यक्त किया कि वे अब संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।