रायपुर , ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर समन्वय के लिए रायपुर में ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर उच्च शिक्षा के भविष्य की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा की।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग, आईआईटी मद्रास और लिंकन यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन, सीईओ इलेट्स डॉ. रवि गुप्ता सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसर मौजूद रहे।
‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकताओं पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने नई शिक्षा नीति, कौशल उन्नयन, उद्योग-अकादमिक साझेदारी और स्टार्टअप अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
दूसरे चरण में डिजिटल कैंपस, एलएमएस, ब्लेंडेड लर्निंग, एआई आधारित शिक्षण, डेटा आधारित प्रशासन और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है।
रोजगारोन्मुखी शिक्षा के लिए इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और सेक्टर स्किल काउंसिल की भूमिका पर भी मंथन हुआ। अंतिम सत्र में शोध, नवाचार, स्टार्टअप प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा करते हुए ज्ञान अर्थव्यवस्था की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
‘शिक्षा संवाद 2026’ को राज्य में उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।