रायपुर, ईरान के साथ जारी तनाव और अमेरिकी-इजराइली हमलों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर खुलकर नाराजगी जताई है। ट्रम्प ने कहा कि स्टार्मर इस पूरे मामले में “बहुत मददगार नहीं” रहे और यूके-यूएस के बीच का ‘स्पेशल रिलेशनशिप’ अब पहले जैसा मजबूत नहीं रहा।
ट्रम्प ने आरोप लगाया कि अमेरिकी बलों को ब्रिटिश एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति देने में देरी की गई, जिससे सहयोग की भावना पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर दुख है कि दशकों पुराना रणनीतिक संबंध कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
दरअसल, सोमवार को ब्रिटिश संसद में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार ईरान पर किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी हमले के लिए स्पष्ट कानूनी आधार और अंतरराष्ट्रीय समर्थन आवश्यक है। स्टार्मर के इस रुख को ट्रम्प ने अपेक्षा के अनुरूप नहीं बताया।
इसी बीच ट्रम्प ने ईरान को लेकर भी कड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन अब इसके लिए “बहुत देर” हो चुकी है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान की एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और नेतृत्व तंत्र काफी कमजोर हो चुका है।
हालांकि इससे एक दिन पहले ट्रम्प ने कहा था कि वे ईरानी नेताओं से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि ईरान को पहले ही बातचीत करनी चाहिए थी। उल्लेखनीय है कि युद्ध जैसे हालात बनने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
ट्रम्प के इन बयानों से अमेरिका-ब्रिटेन संबंधों और मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को लेकर नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।