Sunday, February 15, 2026
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उदंती-सीतानदी में ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ की पहल, दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल संरक्षण को नई दिशा

हॉर्नबिल अपनी विशाल चोंच, रंगीन पंखों और विशिष्ट घोंसला बनाने की आदतों के कारण दुनिया के सबसे अनोखे पक्षियों में गिने जाते हैं।

by khabariya
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रायपुर | 11 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। इस अभिनव पहल को “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य इन आकर्षक और विशिष्ट पक्षियों को प्राकृतिक आवास में पर्याप्त भोजन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

हॉर्नबिल अपनी विशाल चोंच, रंगीन पंखों और विशिष्ट घोंसला बनाने की आदतों के कारण दुनिया के सबसे अनोखे पक्षियों में गिने जाते हैं। इन्हें “जंगल का किसान” या “फॉरेस्ट इंजीनियर” भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाकर बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में यह पहल शुरू की गई है। इसके तहत किसी कृत्रिम ढांचे का निर्माण नहीं किया जाएगा, बल्कि पीपल, बरगद और फाइकस जैसे फलदार वृक्षों के समूह विकसित किए जाएंगे, जो हॉर्नबिल का मुख्य आहार हैं। साथ ही घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने और “घोंसला गोद लेने” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु के कारण यहां अधिक दिखाई देने लगे हैं। जहां पहले इनका दर्शन दुर्लभ था, वहीं अब सप्ताह में दो-तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

सुरक्षा के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं और ड्रोन तकनीक से शिकार गतिविधियों व वनाग्नि पर नजर रखी जा रही है। यह पहल जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी।

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