नवा रायपुर | 25 जनवरी 2026
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय सेना द्वारा नवा रायपुर स्थित संध्या लेक पर एक भव्य लाइव बैंड कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह देशभक्ति से ओतप्रोत संगीतमय संध्या देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना को समर्पित रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों और सैन्य परिवारों ने सहभागिता की।
भारतीय सेना के बैंड दल ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’, ‘सारे जहाँ से अच्छा’, ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ सहित कई प्रेरक धुनों की सजीव प्रस्तुति दी। संध्या लेक का वातावरण तिरंगे की रोशनी, देशभक्ति गीतों और तालियों की गूंज से भावविभोर हो उठा। सेना के अनुशासन, संगीत की उत्कृष्टता और भावनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन वंदे मातरम् की 150वीं जयंती के राष्ट्रीय समारोहों की श्रृंखला के अंतर्गत किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह राष्ट्रगीत पीढ़ियों से देशवासियों को त्याग, समर्पण और मातृभूमि के प्रति प्रेम की प्रेरणा देता आया है।
सेना के इस संध्या बैंड कार्यक्रम ने आम नागरिकों को सैन्य परंपराओं और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया। युवाओं में देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में इस आयोजन की विशेष भूमिका रही।
नवा रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्ष की गौरवशाली यात्रा को संगीत, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के माध्यम से स्मरण करने वाला एक ऐतिहासिक क्षण बन गया।