रायपुर | 13 फरवरी 2026
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रक्रिया अधिक तीव्र, पारदर्शी और सशक्त हुई है। नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आईसीजेएस (ICJS) के तहत पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय—इन पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। दुर्ग और बिलासपुर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया गया है। ई-साक्ष्य, ई-समन, ऑनलाइन एफआईआर और अपराध समीक्षा एप के माध्यम से विवेचना में तेजी आई है और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।
पुलिस कर्मियों के कल्याण हेतु राज्य सरकार ने 8 बैंकों से एमओयू कर बिना प्रीमियम सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई है। अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
गृह मंत्री ने बताया कि अवैध प्रवासियों के विरुद्ध विशेष टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई की गई है तथा 34 लोगों को निष्कासित किया गया। गौवंश वध और अवैध परिवहन के मामलों में सख्ती बरतते हुए 142 वाहन राजसात और 27 की नीलामी की गई है। नशे के कारोबार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती और नष्टीकरण की कार्रवाई जारी है।
साइबर अपराध रोकने के लिए 255 अवैध ऑनलाइन लिंक बंद किए गए तथा 165 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। कई जिलों में साइबर थानों का संचालन शुरू किया गया है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर में स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध है। पुनर्वास नीति के तहत कई नक्सलियों ने मुख्यधारा में वापसी की है और दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित किया है।
जेल सुधारों के तहत चार केंद्रीय जेलों को आईएसओ प्रमाणन मिला है तथा रायपुर केंद्रीय जेल में ‘उमंग-तरंग’ रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य सुरक्षा, सुशासन और पुनर्वास के माध्यम से प्रदेश में स्थायी शांति स्थापित करना है।
