रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है। वे चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली।
इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें सूबेदार, उप निरीक्षक (जीडी), विशेष शाखा, कंप्यूटर, रेडियो और प्लाटून कमांडर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां से वे राष्ट्र और राज्य की सेवा के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस सेवा अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है और इसका मूल आधार सत्यनिष्ठा है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि संकट की स्थिति में नागरिक सबसे पहले पुलिस के पास ही पहुंचता है। उन्होंने वर्दी को अधिकार के साथ-साथ जिम्मेदारी और प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि आज का यह दीक्षांत समारोह केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि वास्तविक सेवा जीवन की शुरुआत है। इसे उन्होंने ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि अब प्रशिक्षु सुरक्षित वातावरण से निकलकर जिम्मेदारियों भरे कार्यक्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं और प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस तकनीक-संचालित होने के साथ-साथ जनता के प्रति संवेदनशील भी होनी चाहिए।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।