
न्यूज़ डेस्क, रायपुर।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का सर्वांगीण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बस्तर के सुदूर और आंतरिक इला
कों तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत राजधानी भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों से आत्मीय मुलाकात कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए उनके क्षेत्रों की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को बस्तर के प्रत्येक गांव तक पहुँचाना सरकार का संकल्प है। इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के नए कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे न केवल क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि विकास कार्यों को भी गति मिली है। उन्होंने कहा कि अब अधिकांश गांवों में शासकीय उचित मूल्य दुकानों की स्थापना हो चुकी है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुँच रहा है।
नक्सलवाद पर बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा। उन्होंने कहा कि शांति, सुरक्षा और विकास के समन्वय से बस्तर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से बस्तर और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को राजधानी के विकास मॉडल से रूबरू होने का अवसर मिल रहा है। इससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर योजना और विकास कार्यों को लागू करने के लिए प्रेरित होंगे।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत सुकमा जिले की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायतों के लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधि दो दिवसीय राजधानी रायपुर भ्रमण पर आए हैं। इस दौरान उन्हें मंत्रालय, जंगल सफारी, आदिवासी संग्रहालय, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।