रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसे और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय तथा जनोन्मुखी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह बात भिलाई सेक्टर-4 स्थित एसएनजी ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी और साधना है। यह जनता और शासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है और समाज को जागरूक करने में इसकी अहम भूमिका रही है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया। विशेष रूप से महिला पत्रकारों—शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर और साक्षी सोनी—को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मान दिया गया। साथ ही समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाली साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंह और सुनीता जैन को भी सम्मानित किया गया।
राज्यपाल डेका ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के तेजी से विस्तार ने जहां सूचना के प्रसार को आसान बनाया है, वहीं ‘फेक न्यूज’ और ‘डीपफेक’ जैसी समस्याओं ने विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आज हर व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से खुद को पत्रकार मानने लगा है, जिससे बिना सत्यापन के खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रिंट मीडिया ने अब भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखी है, जो सराहनीय है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों की ओर लौटना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि एक स्वस्थ पत्रकारिता ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होती है। उन्होंने सभी पत्रकारों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्पक्षता, सत्यता और जिम्मेदारी के साथ करें। इस अवसर पर यूनियन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।