
न्यूज़ डेस्क, रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश आज भी देश और दुनिया के लिए उतना ही प्रासंगिक है। यह संदेश सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री बेमेतरा जिले के नवागढ़ क्षेत्र में आयोजित गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए 166 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 44 विकास कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 950 से अधिक आवासों के हितग्राहियों को गृह प्रवेश हेतु घर की चाबियां सौंपी गईं। साथ ही बेमेतरा जिले में सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए 40 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में निर्मित अटल परिसर का लोकार्पण और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने नवागढ़ के जैतखाम में विधिवत श्वेत ध्वज चढ़ाया तथा 12 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सतनाम मंदिर के निर्माण का भूमिपूजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने समाज से जाति-पाति, ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश दिया। राज्य सरकार उनके विचारों के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। उन्होंने धान खरीदी, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना को सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने गिरौदपुरी के जैतखाम को वैश्विक पहचान का प्रतीक बताया। वहीं, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने लोक कला महोत्सव को सामाजिक एकता का उत्सव बताया। इस अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सामग्री वितरित की गई।