
न्यूज़ डेस्क, रायपुर। बालोद जिले में गंभीर कुपोषित बच्चों को स्वस्थ और सामान्य श्रेणी में लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया मिशन गोद अभियान कुपोषण मुक्ति की दिशा में एक प्रभावी और सफल पहल के रूप में सामने आया है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित इस अभियान के अंतर्गत जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों में से 20.80 प्रतिशत बच्चों को कुपोषण से मुक्त कर सामान्य श्रेणी में लाया गया है।
10 सितंबर से 10 दिसंबर 2025 तक तीन माह की अवधि में चलाए गए इस अभियान में जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया गया। जिला प्रशासन ने गंभीर कुपोषित बच्चों की देखरेख और उन्हें समुचित पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवी संगठनों और आम नागरिकों को सौंपी। इस पहल के तहत सांसद, जिले के तीनों विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों को गोद लिया।
अभियान के दौरान गोद लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा न्यूनतम 500 रुपये की राशि पौष्टिक आहार के लिए जमा की गई। इसके परिणामस्वरूप अतिरिक्त आहार व्यवस्था के लिए 4 लाख 48 हजार रुपये से अधिक की राशि एकत्र हुई, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
आंकड़ों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों द्वारा गोद लिए गए 300 गंभीर कुपोषित बच्चों में से 53 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए 184 बच्चों में से 51 बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए, जबकि आम नागरिकों द्वारा गोद लिए गए 180 बच्चों में से 36 बच्चे अब सामान्य श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मिशन गोद जिले के नवनिहालों को कुपोषण से मुक्त करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह अभियान बालोद जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।