
न्यूज़ डेस्क, रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाल विवाह को बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे समाप्त करने के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बाधित करता है, बल्कि उनके शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के अवसरों को भी छीन लेता है। मुख्यमंत्री फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान के जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि यह जागरूकता रथ जशपुर जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्रामीण अंचलों में भ्रमण करेगा। इसके माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना किसी संकोच के चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता के बिना इस सामाजिक बुराई को समाप्त करना संभव नहीं है। राज्य सरकार बाल विवाह रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और समाजसेवी संगठनों के सहयोग से लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समय रहते दी गई सूचना से बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि जागरूकता रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त सूचना के आधार पर बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 1098 के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।