रायपुर, 10 मार्च 2026। बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड के पंडरीपानी गांव की युवती प्रियंका मंडल ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना की मदद से अपना कंप्यूटर कोचिंग सेंटर शुरू कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उनकी पहल न केवल उनके लिए रोजगार का साधन बनी है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
प्रियंका मंडल के परिवार में माता-पिता, भाई और भाभी सहित कुल पांच सदस्य हैं। उन्होंने स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रही थीं, लेकिन उनका सपना खुद का संस्थान शुरू कर युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा देना था।
प्रियंका ने महसूस किया कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों के कई छात्र कंप्यूटर सीखना चाहते हैं, लेकिन शहरों तक आने-जाने की परेशानी और अधिक खर्च के कारण वे इससे वंचित रह जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने अपने गांव में ही कंप्यूटर कोचिंग सेंटर खोलने का निर्णय लिया, लेकिन आर्थिक स्थिति इसके आड़े आ रही थी।
इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना के तहत आवेदन किया। इसके बाद उनका प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक की पंडरीपानी शाखा को भेजा गया, जहां से 20 जून 2025 को उन्हें 7 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।
इस वित्तीय सहायता से प्रियंका ने अपना कंप्यूटर कोचिंग सेंटर शुरू किया। लगभग नौ महीने में उनके सेंटर से 20 विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण मिल चुका है। इसके साथ ही उन्होंने अपने संस्थान में तीन युवाओं को रोजगार भी दिया है।
प्रियंका नियमित रूप से बैंक ऋण की किस्त भी चुका रही हैं। उनका कहना है कि आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए बेहद जरूरी है। यदि युवा सॉफ्टवेयर स्किल, ऑनलाइन कोर्स और नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखें तो उनके लिए बेहतर करियर के कई अवसर खुल सकते हैं।
प्रियंका मंडल की यह पहल बस्तर के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।