रायपुर, 13 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ के दौरान महिला आरक्षण को देश की आधी आबादी के अधिकारों को सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उन्होंने नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना और कहा कि यह पहल भारत के लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना नए भारत की स्पष्ट दिशा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण बताया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की मजबूत नींव रखेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस दिशा में एक अहम पड़ाव साबित होगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा सम्मानजनक स्थान मिला है और वैदिक काल से ही महिलाओं ने समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में और मजबूत कर रही हैं, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण ने महिलाओं को नेतृत्व का अवसर दिया है, जिसका सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर देखा जा सकता है। इसके साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि देश में महिला आरक्षण पर चर्चा के साथ ही छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से आह्वान किया कि वे हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाएं और इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्सा बनें।
उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से लोकतंत्र मजबूत होगा और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है।”