समाचार डेस्क

देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के बीच BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) पर बढ़ा दबाव गंभीर चिंता का विषय बन गया है। पिछले 35 दिनों में 12 राज्यों से 30 BLO की मौत की सूचना सामने आई है। कई मौतें हार्ट अटैक, थकान और लगातार ड्यूटी के दबाव से जुड़ी बताई जा रही हैं। इसके अलावा, अब तक 10 BLO के आत्महत्या करने के मामले भी दर्ज हुए हैं।
फील्ड में BLOs को प्रति बूथ 800 फॉर्म भरने का टारगेट दिया गया था, जिसे पूरा करने के लिए कई कर्मचारियों को दिन-रात काम करना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि अत्यधिक टारगेट, लंबी ड्यूटी, यात्रा खर्च का बोझ और सुरक्षा की कमी ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं।
मृत कर्मचारियों के परिवारों ने आरोप लगाया है कि “चुनाव आयोग आंकड़ों और समारोहों में व्यस्त है, जबकि ग्राउंड पर कर्मचारियों की हालत नहीं देख रहा।” परिवार यह भी कह रहे हैं कि अब तक किसी भी राज्य में मुआवजा मंजूर नहीं हुआ, जिससे आक्रोश बढ़ रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि BLOs को सुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ, उचित मानदेय और मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिया जाए।