न्यूज़ डेस्क, रायपुर। भारतीय रेलवे द्वारा अगले पांच वर्षों में देश के 48 प्रमुख शहरों में रेलगाड़ियों की संचालन क्षमता दोगुनी करने की ऐतिहासिक योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे राज्य के यात्रियों के लिए बड़ा तोहफा बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का तेजी से आधुनिकीकरण हो रहा है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित इस योजना से छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि रायपुर जंक्शन प्रदेश का प्रमुख रेल केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। संचालन क्षमता बढ़ने से अधिक ट्रेनें, बेहतर समय-सारिणी और कम भीड़भाड़ का लाभ यात्रियों को मिलेगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2030 तक इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, पिट लाइन और स्टेबलिंग लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही नए टर्मिनलों की स्थापना, सिग्नलिंग और यार्ड का आधुनिकीकरण, मल्टीट्रैकिंग तथा मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के लिए 41 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। राज्य में रेलवे का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो चुका है। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए 6,925 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे रेल परियोजनाओं को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के बेहतर रेल संपर्क वाले राज्यों में शामिल होगा। यह योजना “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है।