रायपुर, 16 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ की आवासीय योजनाओं और कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम राज्य के दौरे पर पहुंची है। यह दल 15 से 18 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में रहकर गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की योजनाओं, नियमों, प्रक्रियाओं और नवाचारों का गहन अध्ययन करेगा।
अध्ययन प्रवास के दौरान टीम को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों द्वारा विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। अपर आयुक्त हर्ष कुमार जोशी ने तकनीकी पहलुओं पर जानकारी साझा की, जबकि मुख्य संपदा अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, विक्रय प्रणाली और आईटी आधारित प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। मुख्य लेखा अधिकारी पूजा मिश्रा शुक्ला ने वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी। इसके अलावा उपायुक्त बी.बी. सिंह और कार्यपालन अभियंता संदीप साहू ने भी कार्यप्रणाली और तकनीकी विषयों से टीम को अवगत कराया।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री ओ.पी. चौधरी और मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के मार्गदर्शन में आम नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। पिछले एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपये की 5145 संपत्तियों का विक्रय किया गया है, जबकि ओटीएस-2 योजना के तहत 174 करोड़ रुपये की 1105 पुरानी संपत्तियों का निस्तारण हुआ है।
मंडल द्वारा तकनीकी नवाचारों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आबंटी पोर्टल और एआई चैटबोट जैसी सुविधाओं के जरिए प्रक्रियाओं को पारदर्शी और आसान बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में 3050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई आवासीय परियोजनाएं शुरू की गई हैं और 7 रि-डेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं।
झारखंड टीम आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक उपयोग को ‘मिश्रित उपयोग’ में बदलने की प्रक्रिया का भी अध्ययन कर रही है। यह अध्ययन भविष्य में झारखंड में नए कानून या संशोधन के लिए उपयोगी साबित होगा।