रायपुर, रायगढ़ जिले के वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ के ग्राम गंवरघुटरी में जल्द ही 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल और राज्य शासन के सहयोग से यह परियोजना आकार ले रही है, जिससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा ग्राम गंवरघुटरी की 2 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित की गई है। इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत रायगढ़ दौरे के दौरान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपी। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया और राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
अस्पताल बनने के बाद धरमजयगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रायगढ़, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों में राहत मिलेगी। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, जांच सुविधाएं और अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि भूमि का उपयोग केवल स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल संचालन के लिए ही किया जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी सभी नियमों का पालन अनिवार्य होगा। प्रशासन समय-समय पर परियोजना की निगरानी भी करेगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वनांचल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। लोगों का मानना है कि अस्पताल निर्माण से स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।