
जगदलपुर/रायपुर, 13 दिसंबर 2025।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक घोषणा की। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। गृह मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में बस्तर भय नहीं, बल्कि विकास और संभावनाओं का प्रतीक बनेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर बस्तर को विकसित आदिवासी संभाग बनाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा और बस्तर ओलंपिक 2026 पूरी तरह नक्सलमुक्त बस्तर में आयोजित होगा।
गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक 2025 में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक है। खास बात यह रही कि 700 से अधिक आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली युवाओं ने भी खेलों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और खेल का मार्ग चुना है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
श्री शाह ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी ‘लाल सलाम’ के नारे गूंजते थे, वहां आज ‘भारत माता की जय’ की आवाज सुनाई दे रही है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डालकर सरकार की पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं, क्योंकि शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
उन्होंने बस्तर के लिए सड़क, बिजली, बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, डेयरी और वन उपज आधारित उद्योगों के विस्तार की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों और नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए और अधिक आकर्षक पुनर्वसन योजना लाई जाएगी।
गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से भी अपील की कि वे शेष हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें, ताकि बस्तर का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध बन सके।