रायपुर, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहा ‘सुशासन तिहार’ अभियान अब ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित समस्या समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी क्रम में धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के कुकरेल में आयोजित समाधान शिविर में प्रशासनिक सक्रियता का सकारात्मक असर देखने को मिला। शिविर में प्राप्त 314 आवेदनों में से 266 का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुशासन तिहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं के वास्तविक समाधान का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि शिकायतों का निपटारा पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कुकरेल समाधान शिविर में दरगहन, सलोनी, केरेगांव, भोथापारा समेत 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। कुल 314 आवेदनों में अधिकांश आवेदन विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और व्यक्तिगत मांगों से जुड़े थे। इनमें से 266 आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए स्वीकृति या प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जबकि शेष मामलों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा तय कर निर्देशित किया गया।
शिविर में जल संसाधन, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। यहां ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को मौके पर लाभ भी प्रदान किया गया।
ग्रामीणों ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि प्रशासन पहली बार सीधे गांव पहुंचकर समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान कर रहा है। इससे सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हुई है।
सुशासन तिहार अभियान 10 जून तक प्रदेशभर में जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर समस्या का समाधान तय समयसीमा में हो। कुकरेल शिविर की सफलता ने इस अभियान की प्रभावशीलता को और मजबूत किया है।