कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। 293 सीटों के घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल किया है। इसके साथ ही भाजपा बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा है और पार्टी महज 81 सीटों पर सिमट गई।
2021 विधानसभा चुनाव के मुकाबले टीएमसी को इस बार 134 सीटों का बड़ा नुकसान हुआ है। कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिली, जबकि हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी ने 2 सीटें अपने नाम कीं। दो अन्य सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
इस चुनाव का सबसे बड़ा झटका ममता बनर्जी को उनके पारंपरिक गढ़ भवानीपुर सीट पर लगा, जहां भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,114 वोटों के अंतर से हरा दिया। यह लगातार दूसरी बार है जब सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में मात दी है। इससे पहले 2021 में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता को हराया था।
राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन फालता सीट पर पुनर्मतदान के चलते वहां 21 मई को मतदान होगा और परिणाम 24 मई को घोषित किया जाएगा। हालांकि मौजूदा नतीजों के आधार पर भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुकी है।
वोट शेयर की बात करें तो भाजपा ने 45.84 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि टीएमसी को 40.80 प्रतिशत वोट मिले। यानी भाजपा का वोट प्रतिशत टीएमसी से लगभग 5 प्रतिशत अधिक रहा। सीटों के लिहाज से यह अंतर और भी बड़ा रहा, जहां भाजपा को टीएमसी से 125 सीटें ज्यादा मिलीं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है। वहीं टीएमसी के लिए यह परिणाम बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सबकी नजर भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे और सरकार गठन की प्रक्रिया पर टिकी हुई है।