
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक पारित कर दिया गया है। इस विधेयक के लागू होने के बाद राज्य में कार्यस्थलों पर कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब महिलाएं रात में भी काम कर सकेंगी, जबकि कर्मचारियों के कार्य समय में भी संशोधन किया गया है।
संशोधन विधेयक के अनुसार, अब कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन कार्य अवधि 9 घंटे के बजाय 10 घंटे निर्धारित की गई है। हालांकि, इसके बदले अतिरिक्त कार्य समय के लिए नियमों के तहत ओवरटाइम और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में उठाया गया है।
महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति के साथ सुरक्षा को लेकर विशेष प्रावधान किए गए हैं। विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, परिवहन, कार्यस्थल पर सुविधाएं और सहमति सुनिश्चित करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के महिलाओं से रात्रिकालीन कार्य नहीं कराया जा सकेगा।
सरकार के अनुसार, यह संशोधन आईटी, रिटेल, कॉल सेंटर, होटल और सेवा क्षेत्र के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। वहीं, विपक्ष ने कार्य घंटे बढ़ाने को लेकर कर्मचारियों के स्वास्थ्य और अधिकारों पर चिंता जताई है।
विधानसभा में सरकार ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन मजदूरों के हितों की अनदेखी नहीं करता, बल्कि आधुनिक कार्य संस्कृति और आर्थिक जरूरतों के अनुरूप कानून को अद्यतन करता है। आने वाले समय में इसके नियम और दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।