
समाचार डेस्क
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रभक्ति का उत्सव पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, संयुक्त परेड की सलामी ली और शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के मार्ग पर चलते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में अपनी रजत जयंती मनाई है और 25 वर्षों में राज्य ने विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन, वंदे मातरम् की 150वीं जयंती, जनजातीय गौरव दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का उल्लेख करते हुए इसे सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्मृति से जुड़ा प्रयास बताया।
नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है। किसानों के लिए रिकॉर्ड धान खरीदी, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा-स्वास्थ्य विस्तार और नई औद्योगिक नीति को उन्होंने सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को आईटी, एआई और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं से सुशासन को मजबूती मिली है।
समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभागीय झांकियों ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अंत में मुख्यमंत्री ने जनभागीदारी के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान किया।