रायपुर, नवरात्रि के पावन अवसर पर सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर मुख्यमंत्री को सलामी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में इस आयोजन की शुरुआत से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिला है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरगुजा ओलंपिक में लगभग 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जो खेलों के प्रति युवाओं के उत्साह और समर्पण को दर्शाता है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को उन्नत प्रशिक्षण मिलेगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखना अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन में 6 जिलों से 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिला प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में 11 से अधिक खेल विधाओं का आयोजन किया जा रहा है।
सरकार की इस पहल से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है, बल्कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और क्षेत्रीय विकास को गति देने में भी मदद मिल रही है।