Friday, May 8, 2026
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बिलासपुर की महिलाओं ने रची सफलता की मिसाल: टेंट हाउस बिजनेस से 12 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

समूह की खास बात यह है कि महिलाएं केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं

by News Desk
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रायपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र स्थित ग्राम कर्रा (हि.) की 12 महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो ग्रामीण महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण बन गई है। बिहान योजना से जुड़कर गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की इन महिलाओं ने टेंट हाउस व्यवसाय शुरू किया और आज लाखों रुपये की आय अर्जित कर आर्थिक स्वतंत्रता हासिल की है।

गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती गौरी यादव और सचिव श्रीमती पांचो श्रीवास के नेतृत्व में महिलाओं ने सामूहिक प्रयास से “श्री राम टेंट हाउस” की शुरुआत की। इस उद्यम के लिए समूह को बिहान योजना के तहत 6 लाख रुपये और महिला एवं बाल विकास विभाग से 4 लाख रुपये का ऋण मिला। कुल 10 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ यह कारोबार आज सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है।

वर्ष 2025 में रामनवमी के अवसर पर शुरू हुए इस व्यवसाय ने कम समय में ही क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना ली। वर्तमान में समूह के पास 30×30 फीट का मंच, 60×120 फीट का विशाल पंडाल, 60 टेबल, 500 कुर्सियां और 10 जंबो कूलर जैसे संसाधन उपलब्ध हैं। समूह वैवाहिक समारोह, सामाजिक आयोजनों, शोक सभाओं और सरकारी शिविरों में टेंट व बर्तन उपलब्ध करा रहा है।

समूह की खास बात यह है कि महिलाएं केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। गरीब परिवारों को सामाजिक आयोजनों के लिए बर्तन नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही ग्रामीणों के लिए कम दरों पर बर्तन बैंक का संचालन भी किया जा रहा है।

बेहतर प्रबंधन और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि समूह की वार्षिक आय अब करीब 10 लाख रुपये तक पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी से समूह की प्रतिष्ठा और आय दोनों में वृद्धि हुई है।

समूह की महिलाओं ने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार की योजनाओं और बिहान मिशन को दिया है। आज गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं।

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