रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने प्रदेशव्यापी सुशासन दौरे के दूसरे दिन कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित बैगा बाहुल्य ग्राम कमारखोल पहुंचकर ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई। आम के पेड़ के नीचे आयोजित इस चौपाल में खुशियों, तालियों और उत्साह का अनोखा माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने यहां पीएम जनमन योजना के तहत हुए कार्यों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी।
चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने जब पूछा कि गांव में कितनी महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं, तो एक साथ कई हाथ उठे। यह देखकर मुख्यमंत्री गदगद हो उठे। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य करोड़पति बनने का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।
लखपति दीदी श्रीमती कचरा तेलगाम ने मुख्यमंत्री को जंगल से लाए महुआ और चार भेंट किए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण में सेंट्रिंग प्लेट लगाने के कार्य से उन्हें सालाना 80 हजार रुपये की आय हो रही है। वहीं रजमत बाई धुर्वे ने बताया कि निर्माण सामग्री आपूर्ति से उन्हें 2.5 से 3 लाख रुपये तक का लाभ हुआ है। पशु सखी शिवरानी पटेल ने सब्जी उत्पादन से डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित करने की जानकारी दी।
चौपाल का सबसे भावुक पल तब आया जब एक महिला ने अपने नवजात शिशु का नामकरण मुख्यमंत्री से करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बच्चे का नाम ‘रविशंकर बघेल’ रखा और आशीर्वाद स्वरूप 500 रुपये दिए।
इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। 94.5 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले छात्र राजेंद्र मसराम को पेन देकर आईएएस बनने के सपने के लिए शुभकामनाएं दीं।
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने सामुदायिक भवन, 6 किलोमीटर मिट्टी-मुरुम सड़क, मुक्तिधाम शेड, महतारी सदन और मिशन तालाब गहरीकरण जैसी कई विकास कार्यों की घोषणा भी की।