Sunday, May 3, 2026
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तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए बड़ा फैसला, 13 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा; 920 करोड़ भुगतान का अनुमान

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है।

by News Desk
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रायपुर, छत्तीसगढ़ में ‘हरा सोना’ कहे जाने वाले तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े लाखों परिवारों के लिए राहत और आय वृद्धि की बड़ी खबर है। राज्य सरकार की नई पहल और दरों में वृद्धि के चलते इस वर्ष संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक परिवार सीधे जुड़े हुए हैं, जिनकी आजीविका का यह प्रमुख साधन है।

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। वर्ष 2024 से प्रति मानक बोरा की दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। इससे आदिवासी और वनवासी समुदायों की आय में सीधा इजाफा होगा। वर्ष 2026 में राज्य की 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत 902 प्राथमिक समितियों में संग्रहण कार्य प्रस्तावित है। इस साल करीब 15 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है।

बस्तर संभाग में विशेष रूप से इस कार्य का विस्तार हुआ है। यहां 10 जिला यूनियनों की 216 समितियों में लगभग 4 लाख मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य है, जबकि अन्य क्षेत्रों में करीब 11 लाख मानक बोरा संग्रहण होने की संभावना है। बस्तर में संग्राहक परिवारों की संख्या भी बढ़कर 4.04 लाख हो गई है।

नक्सल प्रभावित इलाकों में भी इस बार बेहतर तैयारी की गई है। नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा सुकमा और केशकाल में भी नए केंद्र जोड़े गए हैं, जिससे संग्रहण कार्य को गति मिलेगी।

सरकार ने संग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू की है। इसके जरिए संग्राहकों को सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।

यह पहल न केवल संग्राहकों की आय बढ़ाने में मददगार होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण और आदिवासी अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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