रायपुर, क्रिकेट के महानायक और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर का दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार गांव आगमन बस्तर के बदलते स्वरूप की नई पहचान बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे विकास, अवसर और आत्मविश्वास से भरे नए बस्तर की तस्वीर बताते हुए कहा कि यह दौरा जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखेगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सचिन तेंदुलकर का बच्चों के बीच जाकर समय बिताना और उन्हें खेलों के लिए प्रेरित करना बेहद प्रेरणादायक है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होगा।
दंतेवाड़ा के स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम हाई स्कूल, छिंदनार में सचिन तेंदुलकर और माणदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर सचिन के साथ उनकी बेटी सारा और फाउंडेशन की संस्थापक चेतना सिन्हा भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसी खेल गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें सचिन ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के साथ अनुशासन और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाए रखने की अपील की।
फाउंडेशन की योजना के तहत क्षेत्र के 50 गांवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, जहां क्रिकेट के साथ फुटबॉल, कबड्डी और अन्य खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से बस्तर के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। यह दौरा बस्तर के लिए खेलों के माध्यम से नए भविष्य की शुरुआत माना जा रहा है।